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Full Version: मै लाडली हु उस देश की जो भारत कहलाता है
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जिसकी मिट्टी पर कदम रखते ही हर चहरा मुस्काता है 
मै लाडली हु उस देश की जो भारत कहलाता है

जो अपने नाम से ही दुश्मनों का दिल दहलाता है 
मै लाडली हु उस देश की जो भारत कहलाता है

यूह तो यहाँ रंग हजार हैं
यूह तो यहाँ रंग हजार हैं
पर तीन रंगों मे रंगना ही यहाँ सबको भाता है
मै लाडली हु उस देश की जो भारत कहलाता है

ईद पर सेवंईया और सावन मे गुंझिया 
तो कोई बैसाखी पर खीर खिला कर मीठा मुह कर जाता है

अक्सर इसी तरह यहाँ मीठा घोल कर रिश्तों मे स्वाद बढ जाता है
मै लाडली हु उस देश की जो भारत कहलाता है

यहाँ मन्दिर,मस्जिद,गुरुद्वारे और गिरज़ा मैने देखे हैं
फिर भी यहाँ सब खुदको बस भारतीय ही कहते हैं
देख एकता इन सब में 
मेरा भी दिल भर आता है
मै लाडली हु उस देश की जो भारत कहलाता है

यहाँ हर जवान का बलिदान 
आँखों मे आँसू लाता है
यहाँ जन्मा हर इंसान 
वीरो की शहादत पाता है

इस मिट्टी मे कुछ बात है 
जिस से अन्जान अभी कुछ लोग हैं 
की क्यों मखमल की चादर छोड
सबको तिरंगा कफ़न लुभाता है
मै लाडली हु उस देश की जो भारत कहलाता है

दोस्ती मे साथ दे और दुश्मनी मे मात दे
है प्यार भी खुमार भी और रगो मे अंगार भी
इमान तु इमाम तु ए देश मेरी जान तु
है आन तु,सम्मान तु और है मेरा अभिमान तु

यूह तो बहुत कुछ है करने को
यूह तो बहुत कुछ है करने को
पर मुझे तो जीना देश के लिए और इस पर ही मर जाना आता है
मै लाडली हु उस देश की जो भारत देश कहलाता है

मै लाडली हु उस देश की जो भारत देश कहलाता है